उज्जैन पुलिस के धैर्य ने टाली बड़ी घटना..!

हाईकोर्ट का आदेश पालन करवाने गए प्रशासनिक एवम  पुलिस अमले  पर पथराव एवं हमला किया

पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की


उज्जैन ।मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ इंदौर द्वारा दिए गए निर्णय के पालन एवं 30 सितंबर को न्यायालय में कंप्लायंस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के  निर्देश  के  तारतम्य  में प्रशासनिक अमले ने एसडीएम  , सीएसपी  व तहसीलदार पुलिस की उपस्थिति में  किशनपुरा स्थित एक मकान का कब्जा लेकर हाईकोर्ट के  निर्णय अनुसार याचिकाकर्ता हरिशंकर गहलोत को    स्टेट  बैंक  के  माध्यम से कब्जा दिलवाया   गया ।  इस प्रक्रिया में   मकान के अवैध   कब्जाधारी  दयाराम गोमे   एवम उसके  परिवार के लोगो  द्वारा प्रशासनिक एवं पुलिस अमले पर पथराव  किया गया जिससे पुलिसकर्मी घायल हुए । प्रशासन एवं पुलिस  द्वारा जवाबी कार्रवाई करते हुए  हल्का बल प्रयोग किया गया.  जिसमें वाटर कैनन तथा टियर गैस का उपयोग  आग बुझाने तथा पथराव करते हुए व्यक्तियों को नियंत्रण में लेने के लिए किया गया ।  पथराव ,आगजनी एवं मारपीट करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर  कार्यवाही  की गई है ।

तहसीलदार  श्री  श्री  आदर्श   शर्मा ने  बताया कि  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ द्वारा रिट पिटिशन 6253 / 2016 में आवेदक हरिशंकर गहलोत को   कलेक्टर  न्यायालय द्वारा सरफैसी एक्ट के तहत जारी किए गए आर्डर के अनुसार बैंक द्वारा बंधक  रखी गई संपत्ति मकान का कब्जा दिलवाना था ।उक्त मकान संबंधित आवेदक हरिशंकर गहलोत द्वारा  बैंक  नीलामी में  वर्ष 2010 में खरीदा गया था। किंतु बंधक मकान के पूर्व मालिकों द्वारा उन्हें कब्जा नहीं सौंपा जा रहा था एवं बैंक वालों  व  खरीददार के साथ लगातार मारपीट एवं  अभद्र व्यवहार  किया जा रहा था ।हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आज 29 सितंबर को संबंधित याचिकाकर्ता को बैंक के माध्यम से कब्जा दिलवा दिया गया है।

ऐसी परिस्थिति में अगर पुलिस अपना धैर्य खो देती तो संभवत घटना बड़ी हो सकती थी। गौरतलब है कि आरोपियों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया लेकिन पुलिस ने आरोपियों के साथ पेशेवर बदमाशों जैसा व्यवहार नहीं किया । पुलिस सूत्रों के मुताबिक  यदि पुलिस द्वारा प्राथमिक कार्रवाई के दौरान ही सख्त कदम उठा दिए जाते हैं तो संभवत यह घटना और भी बड़ी हो सकती थी। पुलिस ने अपने धैर्य का परिचय देते हुए सही समय पर सही कार्रवाई करते हुए एक मिसाल पेश की है। पुलिस की कार्रवाई से सांप भी मर गया और लाठी भी नहीं टूटी।

केवल एक पुलिसकर्मी घायल

पुलिस की ओर से अधिकृत जानकारी देते हुए बताया गया है कि इस घटना में केवल एक ही पुलिसकर्मी घायल हुआ है । सोशल मीडिया पर कई प्रकार की अफवाह फैलाई जा रही है जिसमें कहा जा रहा है कि कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं लेकिन यह गलत है।

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