ऐसे है केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत..!

उज्जैन। कोरोना महामारी के बीच लाॅक डाउन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार ने सभी वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान कई जगह राहत पहुंचाई गई लेकिन केंद्रीय सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने ऐसे तबके को 73 लाख रुपए की राहत पहुंचाई है जो समाज के हर वर्ग की खुशियों में शामिल होकर खुशियां बांटता है। 

जब दवाएं काम नहीं आती है तो दुआएं असर करती है और जब दुआओं की बात आती है तो समाज के ऐसे वर्ग का नाम सबसे ऊपर आता है जो दुआ देता है तो किसी का भी दिल जीत लेता है। जी, हां हम बात कर रहे है ट्रांसजेंडर वर्ग की। उज्जैन से सिंहस्थ से 2016 में ट्रांसजेंडर वर्ग को एक नई पहचान मिली है । किन्नर अखाड़ा के रूप में समाज को नई दिशा दिखाने के लिए धार्मिक झंडा भी ट्रांसजेंडर ने उठा लिया है।

ट्रांसजेंडर को लाॅक डाउन के दौरान लाभ पहुंचाने के लिए केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने बड़ी पहल की है। केंद्रीय एवं सामाजिक मंत्री थावरचंद गहलोत के मंत्रालय की ओर से मदद मांगने वाले 4922 ट्रांसजेंडर को 7300000 रुपए की मदद की गई है । केंद्रीय सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने  प्रत्येक ट्रांसजेंडर को 1500 रुपए कि मदद पहुंचाई है । गौरतलब है कि लाॅॅक डाउन के दौरान पूरा बाजार बंद है। ऐसी स्थिति में किन्नर वर्ग को भी जीवन यापन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

इसी कठिनाई को कम करने के लिए सामाजिक मंत्रालय ने बड़ी पहल की है । केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने बताया कि उनके मंत्रालय के पास ट्रांसजेंडर की ओर से कुछ अर्जियां आई थी। ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से मदद मांगी गई थी, जिसके बाद लगभग 5000 लोगों को मदद की गई है। केंद्रीय एवं सामाजिक मंत्रालय द्वारा समाज के निम्न और जरूरतमंद वर्ग के लिए जिस प्रकार के कार्य देशभर में किए जा रहे हैं, उससे मोदी सरकार की छवि और भी निखर रही है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे करीबी माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत अपनी सादगी और सरल स्वभाव से भी जाने जाते हैं। नागदा के रहने वाले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने हमेशा उस वर्ग की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है जो समाज की निम्न पंक्ति से सरकारों की ओर आशावादी नजरों से देखता है। 

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