उज्जैन कलेक्टर की मेहनत और सरकारी अस्पताल को लेकर सारे भ्रम टूटे..

 उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के प्रयासों से सरकारी अस्पताल में विश्व स्तरीय सुविधाएं पाकर कोरोना के मरीज ठीक हो रहे है। चरक भवन से जब ठीक होकर 5 मरीज बाहर निकले तो उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने खुद उनका अभिनंदन किया और पूरे मेडिकल स्टाफ के साथ उनका हौसला बढ़ाया। अभी तक सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े होते आए हैं लेकिन उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह के कार्यकाल में सरकारी अस्पतालों के प्रति आम लोगों का विश्वास काफी बड़ा है। 

उज्जैन। मंगलवार को शहर के चरक अस्पताल में बनाये गये कोविड-19 केयर सेन्टर से पहली बार पांच लोग कोरोना संक्रमण से पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने-अपने घर गये। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने स्वस्थ होकर जा रहे लोगों से उनका हालचाल पूछा और चरक में मिली सुविधाओं के बारे में लोगों से जानकारी प्राप्त की। इस पर कोरोना संक्रमण से ठीक होकर घर जा रहे मरीज श्री गोपाल सिंह ने बताया कि चरक अस्पताल में इलाज के दौरान उन सबको ऐसा लगा जैसे किसी महंगे निजी अस्पताल में उनकी देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबन्द हैं और डॉक्टरों की टीम तथा मेडिकल स्टाफ द्वारा उनका पूरा खयाल रखा गया। समय-समय पर चैकअप और उनके स्वास्थ्य की निरन्तर मॉनीटरिंग डॉक्टरों द्वारा की गई। उन्हें यहां किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आई।

कलेक्टर ने अपने घर जा रहे लोगों से कहा कि वे अगले सात से 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहें तथा चूंकि वे अभी-अभी कोरोना जैसी महामारी से स्वस्थ हुए हैं, इसीलिये आगे भी विशेष सावधानी बरतें। कलेक्टर ने डॉक्टरों की टीम से पूछा कि यहां कोरोना का इलाज करा रहे लोगों में कोई डायबिटिज या ब्लड प्रेशर के पेशेंट भी हैं क्या। इस पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बताया कि आज स्वस्थ होकर जा रहे लोगों में एक पेशेंट डायबिटिज के भी हैं। कलेक्टर ने डायबिटिज के व्यक्ति से पूछा कि उन्हें यहां किसी तरह की समस्या तो नहीं हुई, जिस पर व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने पहले ही जानकारी दे दी थी कि वे शुगर की बीमारी से ग्रस्त हैं, इसीलिये डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका विशेष ध्यान रखा गया।

कलेक्टर ने और डॉक्टरों की टीम ने सभी लोगों का अपने घर जाने से पहले उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर ने कहा कि यह काफी प्रसन्नता की बात है कि लोगों में सरकारी अस्पतालों के बारे में जो आम धारणा बनी हुई है, उसे दूर करने में हम लोग काफी हद तक सफल हुए हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान प्रशासन द्वारा लगातार आगे भी यही प्रयास किये जायेंगे कि कोविड केयर सेन्टर जैसे माधव नगर अस्पताल व चरक अस्पताल में कोरोना संक्रमितों को इलाज के दौरान उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायें। चरक अस्पताल के कोविड वार्ड में 100 बेड तैयार किये गये हैं। राहत की बात यह है कि बिते कुछ दिनों में कोरोना पॉजीटिव केसेस में कमी आई है। कलेक्टर ने कहा कि लोगों में काफी जागरूकता आई है। आगे भी सभी लोग सेनीटाइजेशन, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्यत: पालन करें।

कलेक्टर, सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन द्वारा स्वस्थ होकर जा रहे लोगों से शपथ दिलवाई गई तथा उन्हें प्रमाण-पत्र और कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय से सम्बन्धित पेम्पलेट वितरित किये गये। इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन डॉ.महेश मरमट, कोविड वार्ड की प्रभारी डॉ.कविता बेंडवाल, डॉ.चन्देल, डॉ.विजय मरमट और पूरा मेडिकल स्टाफ मौजूद था।

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